Wednesday, May 3, 2017

अर्थशास्त्र ( Economics) - GST - Goods & Service Tax - Basic Lecture - 11

UPSC Online Study Materials अर्थशास्त्र (Economics)

GST क्या है :-

GST क्या है :-

  • GST का मतलब है Goods & Service Tax के लिए है | यह वस्तु और सेवाओं के बिक्री, निर्माण और उपयोग पर लगाया जाने वाला एक प्रकार का कर है | समग्र आर्थिक विकास के उद्देश्य से Goods and Service Tax राष्ट्रीय स्तर पर सेवाओं और वस्तुओं पर लागू किया जाता है | 
  • GST को विशेष रूप से केंद्र और राज्यों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए जाने वाले अप्रत्यक्ष करों को बदलने के लिए बनाया गया है |
  • Goods & Service Tax को अलग-अलग देशों द्वारा विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर लगाए गए Value Added Tax के रूप में परिभाषित किया जा सकता है | 
  • वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाने वाला कर, भिन्न-2 देशों में भिन्न-2 हो सकता है | 
  • Goods & Service Tax सरकार के लिए राजस्व एकत्र करने के लिए लगाया जाता है | 
  • इस tax का भुगतान वस्तु और सेवाओं के उपभोक्ताओं द्वारा किया जाता है और व्यापार संस्थाओं द्वारा इसे एकत्रित किया जाता है और सरकार को अग्रेषित कर दिया जाता है |

भारत में GST का इतिहास :-

  • भारत में, Goods and Service Tax Bill को आधिकारिक तौर पर 2014 में संविधान के (120 वें संशोधन) विधेयक, 2014 में पेश किया गया था | 
  • GST Bill ने देश भर में बिक्री, निर्माण और विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं के उपयोग पर nationwide Value Added Tax के कार्यान्वयन का प्रस्ताव रखा | 
  • Goods & Service Tax अधिनियम अप्रैल, 2017 से भारत में संचालित होने की संभावना है |
  • भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली – ने 19 दिसंबर 2014 को लोकसभा में Goods & Service Tax की घोषणा की | विधेयक के पक्ष में 352 वोट और 37 वोट इसके खिलाफ पड़ने के बाद इसे संसद में इसे 6 मई, 2015 को पारित किया |

Also Read

GST part 2

Current Taxation System :-

  • GST एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर (indirect tax) है | वर्तमान में, भारतीय उपभोक्ताओं को वस्तु और सेवाओं पर अप्रयुक्त कर (Value Added Tax), सेवा कर (Service Tax), उत्पाद शुल्क (Excise Duty), सीमा शुल्क (Customs Duty) जैसे अप्रत्यक्ष कर (indirect tax) देने पड़ते हैं | 
  • वर्तमान प्रणाली के अंतर्गत, प्रत्येक राज्य को उसके स्वामित्व वाले क्षेत्र में बिक्री और उपभोग के लिए आने वाली वस्तुओं पर अपना कर वसूलने का अधिकार है, जबकि केंद्र वस्तुओं के निर्माण पर कर वसूलती है | 
  • व्यापारियों पर लगाए गए ये सभी प्रत्यक्ष कर उपभोक्ताओं द्वारा वहन किये जाते हैं |

केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर इस प्रकार हैं :

Central Government : 

  • Income Tax, 
  • Excise Duty or Central VAT, 
  • Service Tax, 
  • Customs Duty, 
  • Central Sales Tax.

State Government : 

  • Sales Tax, 
  • Value Added Tax, 
  • Entertainment Tax, 
  • Road Toll, 
  • Professional Tax, 
  • Stamp Duty, 
  • Luxury Tax, 
  • Octroi Duty, 
  • Capital Gains Tax, 
  • Entry tax

Local Administration : 

  1. Property Tax
  • इनमें से excise duty/CENVAT, customs duty, service tax, central and state sales tax, VAT, octroy, entry tax, road toll, luxury tax और entertainment tax वस्तु और सेवाओं पर लागू होते हैं |
  • वर्तमान प्रणाली में एक ही object पर कई करों के लगने से उस पर बोझ बढ़ जाता है जिससे production-retailing-consumption के प्रत्येक चरण में पहले से भुगतान किए गए करों को offset करने का कोई रास्ता नहीं होता | 
  • यदि CENVAT और service tax विनिर्माण स्तर पर चुकाए गए हैं, तो ये भविष्य के कर भुगतानों में इसे offset किया जा सकता है, लेकिन किसी भी स्तर पर दिए गए अन्य करों में से कोई भी पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता |

GST कार्य कैसे करता है :-

  • GST राज्यों के बीच कराधान (taxation) के अलग-अलग स्तरों को खत्म करने का प्रस्ताव देता है, और जब यह वस्तुओं और सेवाओं पर tax के रूप में आता है तो यह देश को एक segmented creature की वजाय एक single whole organism के रूप में मानता है | 
  • सभी करों को सिर्फ 2 स्तरों में जोड़ा जाएगा – Central GST और State GST | 
  • उपभोक्ता जो उत्पाद खरीदेगा उसे केवल supply chain में पिछले dealer द्वारा GST Charge का भुगतान करना होगा | जिससे हर किसी के पास पिछले चरणों में किए गए करों के भुगतान को offset करने का अवसर होगा |
  • GST कुछ वस्तुओं पर लगने वाले कई करों पर भी रोक लगा देगा, और rate of tax के संबंध में और एक उत्पाद पर कर के रूप में सरकार को दी गई कुल राशि के साथ पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा |
  • वर्तमान में, उपभोक्ताओं को बिल पर उल्लेखित Vat के अलावा उत्पाद पर लगने वाले अन्य करों की कुल राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं होती है |

Also Read 

Share:

0 comments:

Post a Comment